जीव विज्ञान (BIOLOGY) विज्ञान की एक शाखा है। इसके अंतर्गत सभी सजीवों का अध्ययन किया जाता है।
या
हम कह सकते हैं कि , सजीवों का अध्ययन ही जीव विज्ञान कलाता है. इस पोस्ट के जरिए हम। जीवधारियों का वर्गीकरण का परिचय तथा उनसे जुड़ी शाखाओं का अध्ययन करेंगे। तथा उनके जनक के बारे में जानेंगे।
परिचय
जैसा कि हम जान चुके हैं। कि, जीव विज्ञान, विज्ञान की एक शाखा है। किसके अंतर्गत हम जंतु विज्ञान, पादप विज्ञान, सूक्ष्म विज्ञान, आदि का अध्ययन करते हैं।
अंग्रेजी के अनुसार biology का अर्थ - Bio का अर्थ - जीवन (life ) और Logos का अर्थ - अध्ययन (study) अर्थात, जीवन का अध्ययन ही biology कह लता है।
जीव विज्ञान का जनक अरस्तु ( Aristotle ) को कहा जाता है। अरस्तु ग्रीक के रहने वाले थे।परंतु सर्वप्रथम जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग लैमार्क ( Lamarck) द्वारा (1801ई o) किया गया।
जीवधारियों का वर्गीकरण
- अरस्तु ने समस्त जीवो को दो वर्गों में बांटा था जंतु विज्ञान( Zoology ), एवं वनस्पति विज्ञान( botany ) आदि में रखा था।
- लीनियस ने भी जीवो को अपनी पुस्तक सिस्टमा नेचुरई ( systema naturae ) में जीवधारियों को दो जनत ( Kingdom ) पादप जगत( plant Kingdom), एवं जंतु जगत ( Animal Kingdom) में रखा था।
- लीनियस ने वर्गिकी की जो प्रणाली दी उसी के अनुसार आधुनिक वर्गीकरण प्रणाली की नींव रखी, इसलिए उन्हे आधुनिक वर्गीकरण का पिता ( father of taxonomy ) कहां जाता है।
- मोनेरा (Monera)- इस जगत के अंतर्गत prokaryotic जीव अर्थात , बैक्टीरिया, साइनोबैक्टीरिया , आर्कीबैक्टीरिया तथा फिल्ममेंटल ( तंतुमय ) युक्त जीवो को रखा गया।
- प्रोटीस्टा ( Protista ): इस जगत के अंतर्गत जलीय ( aquatic ), unicellular ( एककोशिकीय ), तथा यूकैरियोटिक जीवो को रखा गया।
- पादप (plantae) : इस जगत के अंतर्गत multicellular ( बहुकोशिकीय), रंगीन, प्रकाश संश्लेषण, उत्पादक जीव को रखा गया है जैसे - शैवाल, मॉस, पेड़ पौधे इत्यादि ।
- कवक (Fungi) : इस जगत के अंतर्गत यूकैरियोटिक, पैरासाइट( परजीवी), जीवों को रखा गया है ।
- एनिमलिया ( animalia ): इस जगत के अंतर्गत , यूकैरियोटिक, समभोजी ( Holozoic), बहुकोशिकीय ( multicellular )जैसे - hydra, सितारा मछली, रेप्टाइल्स, उभयचर, पक्षी वर्ग तथा , स्तनधारी आदि को रखा गया है।
जीव विज्ञान की कुछ शाखाएं
- एपीकल्चर - इसके अंतर्गत मधुमक्खी पालन का अध्ययन किया जाता है।
- सेरीकल्चर - इसके अंतर्गत रेशम कीट पालन का अध्ययन किया जाता है।
- पीसीकल्चर - इसके अंतर्गत मछली पालन का अध्ययन किया जाता है।
- माइकोलॉजी - इसके अंतर्गत कवकों का अध्ययन किया जाता है।
- फाइकोलॉजी - इसके अंतर्गत सवालों का अध्ययन किया जाता है ।
- पोमोलॉजी- इसके अंतर्गत फलों का अध्ययन किया जाता है।
- आर्निथोलॉजी- इसके अंतर्गत पक्षियों का अध्ययन किया जाता है ।
- एंटोमोलॉजी - इसके अंतर्गत कीटों का अध्ययन किया जाता है ।
- सॉरोलॉजी - इसके अंतर्गत छिपकलियों का अध्ययन किया जाता है।
- डेंड्रोलॉजी- इसके अंतर्गत झाड़ियों तथा वृक्षों का दिन किया जाता है।
आज की पोस्ट में इतना ही अगर आपको इस पोस्ट से संबंधित कोई जानकारी, या सुझाव चाहिए या सुझाव देना चाहते हो तो आप नीचे comment box में comment कर सकते हैं. आपका सुझाव हमारे लिए अति महत्वपूर्ण रहेगा।